
टीबी स्क्रीनिंग कार्य में लापरवाही पर वेतन बंद करने का आदेश
डीएम के स्तर से हो रहा टीबी स्क्रीनिंग कार्य का अनुश्रवण
समीक्षा बैठक में उपस्थित नहीं होने पर स्पष्टीकरण मांगा गया
गया: टीबी एक गंभीर बीमारी है। इस संक्रमण की रोकथाम के लिए संभावित रोगियों की पहचान करने, समय से उनका इलाज प्रारंभ करने, आर्थिक रूप से कमजोर रोगियों के लिए पोषणराशि अथवा फूड बास्केट की व्यवस्था करने आदि का काम स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार किया जा रहा है। टीबी उन्मूलन की दिशा में100 दिवसीय विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान चलाकर संभावित रोगियों की खोज की जा रही है। इस पूरे अभियान का अनुश्रवण जिलाधिकारी के स्तर से किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने टीबी स्क्रीनिंग कार्य की समीक्षा बैठक में हिस्सा नहीं लेने वाले तथा स्क्रीनिंग कार्य में लापरवाही बरतने तथा लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले विभिन्न प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के वेतन पर रोक लगाने के आदेश के साथ उनसे जवाबतलब भी किया है। गुरारू तथा अतरी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के वेतन पर रोक लगाने का आदेश दिया है। तथा डुमरिया प्रखंड के एमओआइसी पर टीबी को लेकर हुए समीक्षा बैठक में उपस्थित नहीं होने पर स्पष्टीकरण का आदेश दिया है।
अभियान की सफलता के लिए जिलाधिकारी स्तर से स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारियों तथा प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को जरूरी निर्देश भी दिये गये है। जिला पदाधिकारी ने इस राष्ट्रीय कार्यक्रम को “मिशन मोड” में चलाने का निर्देश दिया है। कहा है कि सभी विभाग आपसी समन्वय से टीबी स्क्रीनिंग अभियान को सफल बनायें। शिक्षा, पंचायत राज, जीविका, आइसीडीएस अपना सहयोग स्वास्थ्य विभाग को दें ताकि लक्ष्य के अनुरूप स्क्रीनिंग कार्य पूरा किया जा सके। निर्देश दिया कि प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्यकर्मियों, आशा और एएनएम के माध्यम से स्लम एरिया और महादलित टोलों घर—घर जाकर टीबी की जांच की जाये। माध्यमिक एवं उच्च विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में मोबाइल हेल्थ टीम की मदद से शत-प्रतिशत छात्र-छात्राओं की स्क्रीनिंग सुनिश्चित कराए। टीबी संक्रमण के संवेदनशील आबादी का एक्स-रे परीक्षण बढ़ाने के लिए फिक्स्ड एक्स-रे मशीहननों द्वारा प्रतिदिन कम से कम 20 और हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनों द्वारा प्रतिदिन 50 एक्स-रे सुीनिश्चित किए जाएं।
डीपीएम नीलेश कुमार ने बताया कि तीन जुलाई से 14 जुलाई के मध्य एक लाख 66 हजार 329 लोगों की टीबी जांच की गयी। लक्ष्य का 93.30 प्रतिशत स्क्रीनिंग की गयी। बताया कि संदिग्ध मरीजों के सटीक और त्वरित निदान के लिए फील्ड में डिजिटल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें और बलगम जांच के लिए ट्रूनेट या सीबीनेट मशीनों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
त्रिलोकी नाथ डिस्ट्रिक्ट रिपोर्टर गयाजी बिहार
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